हिन्दी दिवस की मेरे सभी प्रिय स्नेही मित्रों को बहुत – बहुत बधाई यह हमारी राष्ट्र भाषा ही नहीं अपितु मातृ भाषा भी है हमें इसपर गर्व होना चाहिए और जन – जन तक इसे पहुंचाना चाहिए इसी सन्दर्भ में मैं अपनी कविताशिक्षा है दर्पण जीवन का प्रस्तुत कर रहा हूँ – शिक्षा है दर्पण जीवन का,
जन मूढ़ता दूर करो,
शिक्षा लो, शिक्षित करो,
जग जीवन रौशन करो ।
घर- घर में दीपक जलाओ,
तिमिर अज्ञान फिर दूर हटेगा,
जनमानस उज्जवल बनेगा,
सफल राष्ट्र हमको मिलेगा ।
हर जन हो मन से तैयार,
सब मिलकर करें शिक्षा प्रचार ,
जो जीत दिलाये बिन हिंसा के,
शिक्षा ही ऐसा हथियार ।
आह्वान कर ,हर कोने कोने,
शिक्षा ये पहुंचानी होगी,
देश के बच्चे – बच्चे में,
साक्षरता अलख जगानी होगी ।
चित्त अन्धेरा छंट जायेगा,
ज्ञान बोध पाने के बाद,
नया सबेरा उग आयेगा,
ज्ञान ज्योति जलने के बाद,
ज्ञान ज्योति जलने के बाद ।
स्वरचित- अनिल बिष्ट(कफोला)🙏🙏@ copy right